दिखा दे यार अब मुखड़ा

 दिखा दे यार अब मुखड़ा, घुंघट मैं क्यूं छिपाया है


1. हुस्न तेरे का है सानी, न दूजा बीच दूनियां मैं

करुं क्या में सिफ्त तेरी, चांद मन मैं लजाया है .......


2. नजारा प्रेम का भर के, लगाया है जिगर मेरे

जुदाई का पर्दा अब भी, बीच में क्यों गिराया है .......


3. तेरे मिलने की खातिर को हजारों लोग तरसावै

खुले किस्मत बड़ी जिसकी, वही दीदार पाया है .......


4. नहीं आस इस तन की ना धन की लालसा मुझको

कह ब्रह्मानंद दे दर्शन, ये दिल में समझाया है .......



BOL BHAJAN FOR NEW HINDI HARYANVI RAJASTHANI BHAJAN SHABAD LYRICS 
https://www.bolbhajan.com/



BOL BHAJAN