जय श्री रामा, जय हनुमाना, जय हो बाबा बलकारी
राम दूत अंजनी के लाला, जय हो बजरंग बलधारी
राम दूत अंजनी के लाला, जय हो बजरंग बलधारी
1. सिया राम का कीर्तन हो, वहां पल में दौड़े आते हो
जो भी नाम पुकारे, उसके सब संकट हर जाते हो
महावीर तुम संकट मोचन—2, काटो पीड़ा भारी-भारी
2. युगों-युगों से नाम तुम्हारा, लाल लंगोटा हाथ गदा
डूबती नैया, टूटे हौसले, सबको तुमने थामा सदा
बल भी तुम हो, बुद्धि भी तुम—2, भक्ति के हो अधिकारी
3. वन-वन भटके राम लखन जब, छाया बनकर साथ चले
सीता माँ की खोज में हनुमत, लाँघ समंदर पार चले
राम काज हित जन्म तुम्हारा—2, करुणा के हो भंडारी
4. अंजनी के सुत महावीर तुम, केसरी नंदन कहलाए
जिसके मन में राम बसे हों, उसको राह तूं दिखलाए
भगत तेरा प्रदीप धानिया करता नित जय जयकारी